top of page
Search

हमारे बारे में

वर्ष 2021 में जब दुनिया को कोरोना ने अपने पाश में जकड़ रखा था और सामाजिक प्राणी मनुष्य समाज से ही दूर हटकर अपनी ज़िंदगी जीने को मजबूर था। राजनीति से लेकर साहित्य तक के मजमे उखड़ चुके थे और लोगों का मिलना जुलना एक दूसरे से एकदम बंद था। ऐसे में साहित्य के वे समागम भी बंद थे जहांँ रसिक जन व मन बैठकर साहित्यिक चर्चाएंँ‌ व बौद्धिक व्यायाम कर सकते। इस समय लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों की वो बैठकी भी बंद हो गई जहां वे एक दूसरे के रचे व पढ़े जा रहे साहित्य पर चर्चा परिचर्चा कर कुछ नवीन सीखते जाते थे। ऐसे मुश्किल वक्त में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के मन में विचार कौंधा कि क्यों न एक ऐसा मंच बनाया जाए जहांँ हम सब अपने अपने घरों से ही साहित्यिक बैठकी का आनंद व लाभ उठा सके साथ ही कुछ सीखने का क्रम भी बना रहे। यह विचार ही काव्योम के निर्माण की नींव बना। और साहित्य में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए काव्योम का निर्माण किया गया।


और आज काव्योम सतत रूप से साहित्य संवर्धन के उद्देश्य को विविध माध्यमों के से पूर्ण कर रहा है।

 
 
 

Comments


  • X
  • Facebook
  • Youtube
  • Instagram
  • LinkedIn
Kaavyom Foundation

© 2024 Kaavyom Foundation

All Rights Reserved.

Connect with Us

Send us your thoughts

Message Sent!

bottom of page